पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया

Jun 7, 2026 - 12:11
पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया

#विश्वपर्यावरणदिवस2026 पर #जलवायुकार्रवाई और #सस्टेनेबलजीवनशैली का संदेश, युवाओं ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प 

इंदौर, 5 जून, 2026: 34वां वार्षिक पर्यावरण चर्चा सप्ताह (30 मई – 5 जून, 2026) भारत के इंदौर जिले के सनावादिया गांव स्थित जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट में विश्व पर्यावरण दिवस के प्रेरणादायक समारोह के साथ संपन्न हुआ। 

कार्यक्रम का शुभारंभ जीवांश बत्रा द्वारा शंखनाद एवं प्रार्थना के साथ हुआ। इसके पश्चात नित्या बत्रा द्वारा प्रस्तुत विषय-आधारित मनमोहक कथक नृत्य ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रस्तुति ने प्रकृति और मानव के गहरे संबंध को सुंदरता से अभिव्यक्त करते हुए पर्यावरण के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने का संदेश दिया।

कार्यक्रम प्रणेता डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने सभी का स्वागत किया और पूरे सप्ताह आयोजित पर्यावरणीय संवाद के निष्कर्षों एवं सामूहिक कार्ययोजनाओं की रिपोर्ट प्रस्तुत की । उन्होंने #संयुक्तराष्ट्रपर्यावरणकार्यक्रम #UNEP, विश्व पर्यावरण दिवस के इतिहास, इसकी प्रासंगिकता तथा वर्तमान समय में जलवायु कार्रवाई की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। अपने जीवन के #सस्टेनेबलजीवनशैली के अनुभवों एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में 4 दशकों से किए गए कार्यों को साझा करते हुए ,उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि की शुरुआत स्वयं से और अपने आसपास के वातावरण से होती है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे सकारात्मक कदम भी बड़े परिवर्तन का आधार बन सकते हैं। उन्होंने जलवायु कार्रवाई, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली पर चर्चाओं में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने 30 मई से 5 जून, 2026 तक हुई पर्यावरण चर्चाओं की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने पूरे सप्ताह में हुई चर्चाओं के नतीजों, सामूहिक सीख और लिए गए संकल्पों को बड़े उत्साह के साथ साझा किया। 

सप्ताह भर के कार्यक्रम इस प्रकार थे :

   30,31, म‌ई और 4, 5 जून कार्यक्रम स्थल जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट गांव सनावदिया था 

1 30 मई, 2026 ग्रह, लोगों और धरती बचाने के लिए क्लाइमेट एक्शन (जलवायु कार्रवाई) 

2 31 मई, 2026 लोगों और धरती के स्वास्थ्य बचाने के लिए जलवायु क्लाइमेट एक्शन 

3 1 जून, 2026 सस्टेनेबल आजीविका (टिकाऊ जीवन-यापन) के लिए क्लाइमेट एक्शन - रहेजा सोलर फूड परिसर 

4 2 जून, 2026 "क्लाइमेट एक्शन में नर्सों की भूमिका " सीरम नर्सिंग कॉलेज 

5 3 जून, 2026 " सस्टेनेबल कम्युनिटी डेवलपमेंट के लिए सामूहिक क्लाइमेट एक्शन" " -इनफोसेस इन्दौर

6 4 जून, 2026 स्वच्छ वायु और पानी के लिए क्लाइमेट एक्शन डा दिलीप वाघेला और सुधीन्द्र मोहन शर्मा 

7 #5जून2026 #विश्वपर्यावरणदिवससमारोह ने प्रकृति और मानव के गहरे संबंध को सुंदरता से अभिव्यक्त करते हुए पर्यावरण के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने का संदेश दिया। अपने संबोधन में डॉ. रंजना गोस्वामी ने पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता, वैज्ञानिक सोच और सतत जीवनशैली को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. योगेश गोस्वामी श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय इंदौर के कुलपति ने यह बहुत ही सुंदर और प्रेरणादायक विचार है!" जनक दीदी वास्तव में हम सभी के लिए एक अद्भुत मशाल (मार्गदर्शक), प्रेरणा का स्रोत और एक सच्ची मार्गदर्शक हैं। उनका व्यक्तित्व और उनके विचार निस्संदेह समाज और हम सभी के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम करती है हैं। 'उन्होंने वृक्षारोपण, हरित परिसर विकास एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न पहलों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा प्रदान करने का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी नागरिक तैयार करने के महत्वपूर्ण केंद्र भी हैं। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पर्यावरण और सतत विकास के विभिन्न पहलुओं को गहराई से समझने का अवसर प्रदान किया।" विद्यार्थियों ने जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण, जल एवं ऊर्जा संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली के महत्व को समझा। विशेषज्ञों के विचारों से प्रेरित होकर अनेक विद्यार्थियों ने अपने दैनिक जीवन में सतत आदतों को अपनाने, वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा अपने परिवार एवं समुदाय में पर्यावरण जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। 

यह आयोजन केवल विश्व पर्यावरण दिवस का उत्सव नहीं था, बल्कि युवाओं को जागरूकता से आगे बढ़कर कार्रवाई करने, सतत जीवनशैली अपनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित एवं सुरक्षित भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा देने वाला एक सशक्त मंच सिद्ध हुआ। । सम्मानित अतिथि के रूप में रसायन विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान की प्रोफेसर डॉ. रंजना गोस्वामी शामिल हुईं । अपने संबोधन में डॉ. रंजना गोस्वामी ने पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता, वैज्ञानिक सोच और सतत जीवनशैली को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डॉ. जनक पलटा मगिलिगन द्वारा पूरे सप्ताह आयोजित पर्यावरणीय संवाद के निष्कर्षों एवं सामूहिक कार्ययोजनाओं की प्रस्तुति रही। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP), विश्व पर्यावरण दिवस के इतिहास, इसकी प्रासंगिकता तथा वर्तमान समय में जलवायु कार्रवाई की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। अपने जीवन के अनुभवों एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में 4 दशकों से किए गए कार्यों को साझा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि सतत विकास की शुरुआत स्वयं से और अपने आसपास के वातावरण से होती है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे सकारात्मक कदम भी बड़े परिवर्तन का आधार बन सकते हैं। 

इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पर्यावरण और सतत विकास के विभिन्न पहलुओं को गहराई से समझने का अवसर प्रदान किया। विद्यार्थियों ने जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण, जल एवं ऊर्जा संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली के महत्व को समझा। विशेषज्ञों के विचारों से प्रेरित होकर अनेक विद्यार्थियों ने अपने दैनिक जीवन में सतत आदतों को अपनाने, वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा अपने परिवार एवं समुदाय में पर्यावरण जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का समापन श्री वीरेंद्र गोयल द्वारा प्रस्तुत आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों एवं आयोजकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

यह कार्यक्रम छात्रों के लिए सीखने का एक मूल्यवान अनुभव रहा, जिसने उन्हें जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण, संसाधन प्रबंधन, पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के बारे में गहरी जानकारी दी। छात्रों ने सीखा कि कैसे पानी और ऊर्जा बचाना, कचरा कम करना, पेड़ लगाना और पर्यावरण के प्रति जागरूक विकल्प चुनना जैसे सरल काम मिलकर एक स्वस्थ ग्रह बनाने में योगदान दे सकते हैं।

विशेषज्ञों के साथ चर्चा और बातचीत से प्रेरित होकर, कई छात्रों ने अपने दैनिक जीवन में सस्टेनेबल तौर-तरीके अपनाने और अपने परिवारों और समुदायों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम ने इस संदेश को मज़बूत किया कि सार्थक क्लाइमेट एक्शन की शुरुआत खुद से होती है और आज के ज़िम्मेदार काम आने वाली पीढ़ियों के लिए साफ़ हवा, सुरक्षित पानी और एक सस्टेनेबल भविष्य सुनिश्चित करने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने उन सामूहिक कार्यों पर विचार-विमर्श किया जिन्हें व्यक्ति अपने समुदायों में कर सकते हैं और बढ़ावा दे सकते हैं, ताकि संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के विश्व पर्यावरण दिवस की थीम के उद्देश्यों में निम्नलिखित #ClimateAction, व्यावहारिक और सस्टेनेबल योगदान देंगे :

1. निर्माण कार्यों के दौरान ग्रीन प्रोडक्ट्स (पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद) का उपयोग।

2. जूट के कपड़े/बैग का उपयोग, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक बैग का उपयोग न करना। 3. पौधों के लिए बायोडिग्रेडेबल (आसानी से नष्ट होने वाली) चीज़ों का इस्तेमाल करना।

4. रोज़मर्रा की ज़िंदगी में पर्यावरण के अनुकूल आदतों को बढ़ावा देना।

5. छत पर बगीचे (टेरेस गार्डन) बनाना।

6. नए कपड़े कम खरीदना।

7. प्लास्टिक-मुक्त रसोईघर।

8. डिस्पोज़ेबल चीज़ों के बजाय स्टील का गिलास साथ रखना।

9. एक पौधा लगाना और 5 साल तक उसकी देखभाल करना।

10. अस्पतालों में कम मेडिकल कचरा पैदा करना।

11. पानी के संसाधनों का सही इस्तेमाल करना।

12. ज़रूरत न होने पर लाइट बंद करना।

13. सोलर थर्मल कुकर का इस्तेमाल करना। 

यह जश्न सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि कुछ करने का आह्वान था—जिसमें युवाओं को जागरूकता को काम में बदलने और एक ज़्यादा हरे-भरे, स्वस्थ और टिकाऊ संसार के निर्माण में सक्रिय योगदानकर्ता बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का समापन हुआ। डॉ जयश्री सिक्का, डॉ शेफाली संगल, आर्किटेक्ट अंगद कासलीवाल ,डॉ रामगुलाम, डॉ प्रकाश कौशल, डॉ राजेश कोठारी, डॉ श्रीमती नीरजा और अपूर्व पौराणिक ,डॉ पूनम माथुर, निशा संगल डी ए वी वी के कई छात्र, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ईकनामिक्स इंटर्न , निलेश चौहान , तुहिना झा विनोद कॉलेज के इंटर्न विनोद यादव प्रियांशी वर्मा ने बहुत सहयोग और सेवा दी । कार्यक्रम का संचालन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (के मास्टर ऑफ सोशल वर्क इंटर्न निलेश चौहान ने किया।

कार्यक्रम का समापन श्री वीरेंद्र गोयल द्वारा प्रस्तुत आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों एवं आयोजकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।