स्वस्थ पर्यावरण हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी : पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन 

Apr 27, 2026 - 17:46
स्वस्थ पर्यावरण हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी : पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन 

उज्जैन

लायंस इंटर नेशनल डिस्ट्रिक्ट 3233 G-2 श्री वल्लभ आनंद क्लब एवं पर्यावरण विभाग, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय द्वारा पर्यावरण, सेवा सप्ताह का समापन " “पर्यावरणीय जागरूकता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला " का शुभआरम्भ प्रख्यात पर्यावरणविद् एवं पद्मश्री सम्मानित डॉ. श्री मति जनक पलटा मगिलिगन के मुख्य आतिथ्य में हुआ। 

 जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की निदेशिका , प्रकृति प्रेमी एवं पर्यावरण को समर्पित बहाई सेविका ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा:

" 'सन 1964 में भारत की पहली सफल ओपन हार्ट सर्जरी से होश आने पर ईश्वर कहा था , आपने मुझे ये नया जीवन दिया है, इसे मैं आपको धन्यवाद् देने में ही बिताऊंगी । पर समझ नहीं पा रही थी, कैसे उनका धन्यवाद करूँ ? बहाई धर्म पढ़ा और समझ आयी कि सस्टेनेबल जीवन का मतलब ईश्वर के प्रेम के लिए “विश्व के कल्याण हेतु समस्त प्राणियो में सद्भावना से रहना व पांच तत्वों के सेवक और सरक्षक बन इन की रक्षा करना सीखना और करना है । ईश्वर को फुल टाइम थैंक्स करने के लिए चंडीगढ़ छोड़ कर 1985 में अकेली इंदौर आई । आदिवासी महिलाओ के सशक्तिकरण के लिए बरली ग्रामीण महिला संस्थान शुरू करने के लिए 6 एकड़ बंजार जमीन दी गई, स्थापना करके 500 ग्रामीण, आदिवासी महिलाओं को साक्षरता, स्वास्थ्य, जैविक खेती और सतत सामुदायिक विकास के साथ सशक्तिकरण के लिए प्रशिक्षण दिया 26 वर्षों तक और उस परिसर को टिकाऊ, शून्य अपशिष्ट और जैविक खेती के रूप में विकसित किया । ये सम्भव हुआ मेरे पति ,स्वर्गीय जिम्मी मगिलिगन जिन्होने सोलर कुकिंग के लिए अथक और अद्भुत काम किया , सोलर कुकिंग को बढ़ावा देने के लिए उन घरों में सोलर कुकर और बिजली पहुँचाई जहाँ कोई उम्मीद नहीं थी। हमारी प्रशिक्षित महिलाओ ने बताया" सोलर कुकरों से वे गर्भपात और योंन उत्पीड़न से बच गयी हैं । उन्होंने जैविक खेती ,जीरोवेस्ट जीवन , बहुत बड़ी संख्या लोगों को सोलर ड्रायर बनाना सिखाया ।

बरली संस्थान से रिटायर होने के बाद रहने के लिए 2010 सनावादिया गाँव में घर बना रहे थे ,लेकिन सबसे पहले अँधेरे में रह रहे 50 आदिवासी भूमिहीन परिवारों के लिए 2 किलोवाट सोलर और विंड- मिल् बनाया । दुर्र्भाग्य्वश 2011 में जिम्मी ईश्वर को प्यारे हो गये और मैं ,एक हार्ट सर्जरी, 5 कैंसर सर्जरी और पति के खोने के बाद अन्य मुश्किलों से निकली हूँ लेकिन यह समझ आया कि हमारे पास यह चॉइस नहीं है कि हम मरेंगे कैसे ? लेकिन यह चॉइस है कि हम कैसे जिएँगे । मेरा विश्वास है कि जब तक हम अपने जीवन को प्रकृति और दूसरों के हित के लिए नहीं जीते, तब तक जीवन अधूरा है। इसी विश्वास ने मुझे सस्टेनेबल बनाया — वहीं खाना उगाया, सोलर कुकिंग और जैविक खेती कर खाना खाती हूँ ।मने सोचा था कि इससे गांव के लोगों की ज़िन्दगी में अंतर ज़रूर आएगा, पर इतना बड़ा अंतर आएगा इसका हमें अंदाज़ा नहीं था। मैं तब से यहाँ, सनावदिया में रहती हूँ, सस्टेनेबल ज़िन्दगी जी रही हूँ; मेरे घर में कुछ बाहर से नहीं आता। जीवन को पूरी ऊर्जा के साथ जी रही हूँ । मेरा विश्वास है कि जब तक हम अपने जीवन को प्रकृति और दूसरों के हित के लिए नहीं जीते, तब तक जीवन अधूरा है। पर्यावरण संरक्ष्ण चर्चा / शब्दों से नही होगा एक्शन से होगा करना पड़ेगा " 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगर की प्रसिद्ध चिकित्सक एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सलूजा ने कहा कि माइक्रोवेव में प्रयुक्त प्लास्टिक के सूक्ष्म कण हमारे शरीर में प्रवेश कर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। उन्होंने दैनिक जीवन में प्लास्टिक के उपयोग पर पुनर्विचार करने का आह्वान किया।

राज्य आनंद संस्थान के जिला संयोजक डॉ. प्रवीण जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह हमारे आचरण में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि “पर्यावरण संरक्षण ही आनंदमय जीवन का आधार है।”

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजन से हुआ। अतिथियों का स्वागत लायंस क्लब की सीईओ,एवं श्री वल्लभ आनंद क्लब की संस्थापक श्रीमती मधु गुप्ता द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में सेवानिवृत्त डीएसपी श्री सुभाष दुबे ने पर्यावरण विषयक गीत प्रस्तुत किया, वहीं सिटी किंडरगार्टन स्कूल के स्टाफ द्वारा लघु नाटिका का प्रभावशाली मंचन किया गया। समारोह के अंत में डॉ. जनक पलटा का शाल, श्रीफल एवं पुष्पहार से सम्मान किया गया। साथ ही वृक्ष मित्र श्री अजय भातखंडे, श्री अमिताभ सुधांशु एवं श्री के.के. पवार का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर एक्रोपोलिस इंदौर में नियुक्त रिसर्च और डिवेलपमेंट के निदेशक डॉ अनुराग तिवारी और जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी बायोटेक्नोलॉजिसट आभा तिवारी और उनके बेटे अद्वै भी उपस्थित थे।लायंस सेक्रेटरी सुशील पोरवाल,व आनंदम सहयोगी श्री मुक्तेश त्रिवेदी, डॉ. सुमन जैन, श्रीमती अमृता चतुर्वेदी, सुश्री रंजना मालवीय, श्रीमती संध्या सक्सेना, श्रीमती अरुंधति पेड़ाढारकर, उमा शर्मा, संतोष गुप्ता , मुकेश वानी, श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव, श्री पी.एल. डाबरे, श्रीमती प्रीति जोशी, श्री जितेंद्र मालवीय सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण अध्ययनशाला के प्रोफेसर एवं विद्यार्थी एवं शहर के विभिन्न लायंस क्लब प्रतिनिधि उपस्थित रहे।   

कार्यक्रम का संचालन डॉ. ललित नागर ने किया तथा आभार प्रदर्शन श्रीमती अंधरुति पेंढारकर ने व्यक्त किया।