खुश रहने के लिए सदा परमात्मा का धन्यवाद करें"- ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी

Sep 29, 2026 - 14:04
खुश रहने के लिए सदा परमात्मा का धन्यवाद करें"- ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी

इंदौर, 29 सितंबर।

"हम मनुष्यात्माएं परमात्मा के सामने फरियाद करते हैं या कुछ न कुछ डिमांड रखते हैं, डिमांड पूरी नहीं होने पर भगवान से भी नाराज हो जाते हैं। लेकिन गीता हमें सिखाती है कि भगवान को सच्चे दिल से याद करें, जो मिला है उसके लिए धन्यवाद करें तो सदा खुश रहेंगे।"

उक्त विचार ज्ञानशिखर ओमशांति भवन में चल रहे चार दिवसीय 'गीता ज्ञान रहस्य' अनुभूति शिविर के अंतर्गत ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी ने उच्चारे। आपने बताया कि गीता शास्त्र योग शास्त्र है ना की युद्ध शास्त्र। गीता के हर अध्याय में, चाहे विशाद योग, सांख्य योग, कर्मयोग, आदि सभी योग शब्द से शुरू होते हैं और योग से ही कर्मों में श्रेष्ठता आती है। जीवन रूपी खेत में कर्म रूपी बीज अच्छा बोएंगे तो अच्छा फल पाएंगे। हमें अपने कर्म को योग में बदलने के लिए एक छोटी सी प्रतिज्ञा करनी है। भोजन बनाते समय और भोजन करते समय कभी भी टीवी या मोबाइल नहीं देखना है। पालनहार परमात्मा और अन्नदाता किसान का धन्यवाद करें तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। कोई भी कार्य करें तो पूर्ण मनोभाव से परमात्मा द्वारा दी हुई ड्यूटी समझकर करें। भले झाड़ू ही लगाने का कार्य कर रहे हैं उसमें भी चिंतन करें कि मुझे बाह्य स्वच्छता के साथ-साथ अपने अंतर मन की भी सफाई करनी है।

इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि वर्तमान समय पुनः योगेश्वर ज्ञान सागर परमात्मा हमारा सत्य परिचय, अपना परिचय और सारे सृष्टिचक्र का ज्ञान दे रहे हैं। इस ज्ञान में ही सारा ज्ञान समाहित है जिसकी अनुभूति कल से ज्ञानशिखर में होने वाले सात दिवसीय कोर्स में कराई जाएगी।